आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   ELEPHANT
ELEPHANT

मेरे अल्फाज़

हाथी...

Arvind Dubey

72 कविताएं

193 Views
सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

पेट बड़ा है उस हाथी का,
और बहुत वह खाता है।

जीव अनोखा है धरती का,
बहुत विशाल है काया।

भगवान इंद्र के ऐरावत की,
सभी जानते हैं माया।

अगर क्रोध में हों गजराज तो,
शेर भी पूँछ चुराता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

बाइस माह का गर्भकाल है,
सत्तर साल है जीता।

किसी गंध को डेढ़ कोस से,
है यह सूंघ लेता।

बच्चा इसका कुन्तल भर का,
सरपट दौड़ लगाता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

हाथी के दांत दिखाने के कुछ,
खाने के कुछ होते हैं।

देख के हाथी चिड़ियाघर में,
बच्चे सब खुश होते हैं।

शादी विवाह में हाथी से ही,
द्वार को पूजा जाता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

आमतौर से काले हाथी,
मिलते हैं इस धरती पर।

लेकिन सफेद हाथी भी,
मिलते हैं कुछ हिस्सों पर।

हिमयुग के विशाल मैमथ का,
विज्ञान पता लगाता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

सूई को भी सूँड़ से अपने,
उठा सकता है हाथी।

सूँड़ में घुस जाए चींटी तो,
मर सकता है हाथी।

कुत्ते भौंकते रहते हैं और,
हाथी मस्ती में जाता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

राजाओं की फौज में हाथी,
करते थे चिंघाड़।

राह में आने वाले दुश्मन,
को देते थे फाड़।

पीलवान के अंकुश से ही,
हाथी काबू में आता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

गन्ना-केला बड़े चाव से,
देखो खाता है हाथी।

बुद्धिमान प्राणी होता है,
हाथी मेरा साथी।

पीठ पे अपने बैठाकर वह,
सबको सैर कराता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

कान बड़ा होने का सुन लो,
हाथी का तुम राज।

इससे ताप नियंत्रण होता,
जान लो इसको आज।

अपने कीमती दाँत के चलते,
हाथी मारा जाता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।

बहुत बड़ा तैराक है होता,
हाथी तुम लो जान।

दोगुना बड़ा आंखों से देखे,
इसको भी लो मान।

हाथी गणेश का रूप है होता,
सो वह पूजा जाता है।

सोच रहा हूँ पाल लूँ हाथी,
लेकिन मन घबराता है।
 
अरविन्द दुबे(मनमौजी)

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!