हाल ए दिल सुनाने को नहीं है कोई हमदर्द

                
                                                             
                            हाल ए दिल सुनाने को नहीं है कोई हमदर्द..!
                                                                     
                            
हम तन्हा रहते हैं हर मौसम में, चाहे बारिश, गर्मी या हो सर्द..!
मजाक ना बनाए 'ये दुनिया',
इसलिए किसी को नहीं बताते अपना दर्द..!
जिंदगी में हमारे नहीं है ''मुकाम ए हर्ष''..!
चलते तूफानों के मुसाफिर है, बस सामने है तो है "गुब्बार ए गर्द"..


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8 months ago
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