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मेरे अल्फाज़

ऐसा मेरा शहर हो

Anshul Sharma

7 कविताएं

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।। ऐसा मेरा शहर हो । ।
जहाँ की खूनी ना लहर हो,
जहाँ पापो का ना पहर हो,
जहाँ गमो का ना कहर हो,
ऐसा मेरा शहर हो।


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