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मेरा इश्क

                
                                                                                 
                            खुमारी तेरे इश्क की; इस कदर से छाई है,
                                                                                                

दिल मेरा है फिर भी; धड़कन तेरी आई है,
रूह मेरी तेरे बिन; खुद को तन्हा सी पाई है,
मेरा वजूद ही क्या; बस तेरी परछाई है,
हर घड़ी मुझको तेरा ही सहारा है,
कोई न जाने तू मुझे खुदा से भी प्यारा है।।

~Miss AS
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2 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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