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मेरे अल्फाज़

तेरा बसेरा चाहता हूँ

Ansh Sharma

25 कविताएं

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तुझसे मिल के तुझे बताना चाहता हूँ,
मेरी छोटी सी कुटिया में तेरा बसेरा चाहता हूँ।
अपनी तकदीर में तुझे रेखा बनाना चाहता हूँ,
मेरी आँखों की पलखो पर तुझको सजाना चाहता हूँ।
तेरे हसीन सपने, तेरे हसीन मंजर बनना चाहता हूँ,
तेरे साथ हर एक नज्म गुनगुनाना चाहता हूँ।
कितनी मोहब्बत है मेरे दिल मे तेरे खातिर,
तुझ से मिलकर यह बात बताना चाहता हूँ।
मेरे दिल मे जो दीवानगी है उसे निभाना चाहता हूँ,
तू मेरी है में तेरा हूँ यह बात बताना चाहता हूँ।
तुझसे मिल के तुझे बताना चाहता हूँ,
मेरी छोटी सी कुटिया में तेरा बसेरा चाहता हूँ।
-अंशुल शर्मा (स्पष्टवादी)
-होशंगाबाद


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