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मेरे अल्फाज़

दूर जिस्म से हुए हो ख्यालों से नहीं

Anoop kumar

5 कविताएं

296 Views
दूर जिस्म से हुए हो,ख्यालों से नहीं
ये और बात है कि मिले कई सालों से नहीं
मिटा तो दोगे नाम मेरा,
प्यार की हर एक निशानी से, यकीं है
पर मिटा सकोगे,दिल के सवालों से नहीं

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