मैं भी छला गया, तू भी छली गई

                
                                                             
                            कल तुम कितनी पास थी
                                                                     
                            
तुम एक दम नहीं उदास थी
आज,तुम कितनी दूर चली गई?
सफलता तो आस पास थी
मिलन की भी पूरी आस थी
पर वक्त के हाथों मैं भी छला गया
तू भी छली गई।

सहज

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1 month ago
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