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मेरे अल्फाज़

हिंदुस्तान का गाईये

Anil Kumar

35 कविताएं

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हिंदुस्तान का गाईये 



तक़रीर कीजिए और ज़श्न मनाईये।
हिंदुस्तान के हैं तो हिंदुस्तान का गाईये।।



पकवान परोसा है थाल दिल पर।
खाईये मगर इसमें सुरंग मत बनाईये।।



क़िताबें कलम तो युवाओं में बाॅटिये।
हाथ में बारूद और पत्थर न थम्हाईये।।



कलम लिखे अब कहानियां नयी।
वह च़राग़ इनके दिलों में अब जलाईये।।



नेक दिल तो वो भी हैं अनिल।
उन गुलों को दहशतग़र्द तेज़ाब मत बनाईये।।



पंडित अनिल
अहमदनगर महाराष्ट्र
8968361211



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