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मेरे अल्फाज़

मुसाफ़िर

Amit Tiwari

22 कविताएं

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मुसाफ़िर तेरी कुर्बानी का क्या होगा ?

दिया है तूने किसी राह को बनाने में

तेरी उस जवानी का क्या होगा ?

मुसाफ़िर तेरी कुर्बानी का क्या होगा


लोग आते रहेंगे और गुजारते रहेंगे

बता तेरी हर परेशानी का क्या होगा

कोई न पूछेगा रुककर तेरा हाल पता

गुजर जाएगी तन्हा उस ज़िन्दगानी का क्या होगा !

मुसाफ़िर तेरी कुर्बानी का क्या होगा ?


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