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मेरे अल्फाज़

अनमाेल आज़ादी

Amit Pandey

61 कविताएं

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ऊपर आसमाँ नीचे ज़मीं है
आज़ाद हूँ मैं मुझको यक़ीं है
एहसान है उन वीर शहीदाें का
दास्ताँ जिनकी हर ज़ुबां ने कही है

सँभल के चलो अब ऐ हिन्दाेस्ताँ वालाें
छाेड़कर बैर मज़हबी गले सबकाे लगा लाे
रहाेगे एक तो काेई दुश्मन न पनपेगा
हक़ीक़त है यही इसकाे ज़हन में बिठा लाे

खिलाएंगे फूल हम काँटों के बदन पे
मिटेगी हस्ती हमारी अपने ही वतन पे

नाम- अमित पांडेय
माेबाईल नं -9415044230
8756894809

#AzadAlfaz

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