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मेरे अल्फाज़

अपनी पहचान

Amit Kumar

3 कविताएं

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मौत तो एक सच्चाई है,
हर किसी कि बारी आयी है
जीवन बहता पानी है,
जिसमें कई कहानी है 
जी लो हर लम्हा इस पल का,
महबूबा के प्यार के जैसा |

कर लो हर चाहत को पूरी,
लगे ना कुछ तुम्हें अधूरा सा 
मरते-मरते कुछ छाप छोर दो,
लोग रखें यादों में मरहम सा 
मस्त होके मौत को गले लगाओ,
लौट जाए देख वो नूर तेरे चेहरे का ||

- अमित

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