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मेरे अल्फाज़

यादें स्कूल की

Amar Mohta

4 कविताएं

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... यादें स्कूल की ...

आज फिर से स्कूल जाने को मन करता है,
आज फिर से बीते पलों को दोहराने का मन करता है|

वह सुबह सुबह ना उठने के सौ बहाने बनाने को मन करता है,
वह मम्मी के प्यार भरे हाथों से बालों को सहलवाने का मन करता है,
खुली आंखों से दुनिया को निहारने का मन करता है,
आज फिर से स्कूल जाने को मन करता है |

ज्यादा नौटंकी करने पर पापा की झूठी फटकार सुनने को मन करता है,
फिर बोझिल मन से बिस्तर से उठ जाने को मन करता है,
मम्मी के हाथों से नहाकर गरमा गरम नाश्ता करने को मन करता है,
आज फिर से स्कूल जाने को मन करता है |

वह खुद से ज्यादा भारी स्कूल बैग को कंधे से लटकाने का मन करता है,
टिफिन में क्या क्या डला है, यह सब जानने को मन करता है,
मिल्टन की वॉटर बॉटल को गले में लटकाने का मन करता है,
आज फिर से स्कूल जाने को मन करता है |

वह उछलते कुदते स्कूल बस के तरफ भागने को मन करता है,
वह दोस्तों से खिलखिलाते हुए मिलने को मन करता है,
बारी बारी से खिड़की वाली सीट पर बैठने को मन करता है,
आज फिर स्कूल जाने को मन करता है |

शक्तिमान के बीते हुए एपिसोड के बारे में दोस्तों से बतियाने को मन करता है,
चाचा चौधरी की नई कॉमिक्स का जुगाड़ बैठाने को मन करता है,
यूं ही हंसते मुस्कुराते हुए घर से स्कूल का सफर तय करने को मन करता है,
आज फिर से स्कूल जाने को मन करता है |

धक्का-मुक्की में सबसे पहले स्कूल में घुसने को मन करता है,
लाइन में खड़े होकर फिर से आज प्रेयर करने को मन करता है,
वह सबके साथ एक आवाज में जय हिंद का नारा लगाने को मन करता है,
आज फिर स्कूल जाने को मन करता है|

क्लास में घुसते ही दौड़ कर अपनी सीट पर बैठने को मन करता है,
वह टीचर के क्लास में आते ही गुड मॉर्निंग टीचर गाने को मन करता है,
होमवर्क पूरा होने पर टीचर से तारीफ सुनने को मन करता है,
आज फिर से स्कूल जाने को मन करता है |

लंच ब्रेक में ललचाई नजरों से दूसरों के टिफिन को देखने का मन करता है,
स्पोर्टस के पीरियड में चोर सिपाही, आईस-वाटर, खो-खो खेलने को मन करता है,
नित नयी शैतानी खुरापाती बुझने को मन करता है,
आज फिर से स्कूल जाने को मन करता है |

छुट्टी की बेल पड़ते ही अफरा तफरी में
स्कूल बस की ओर भागने को मन करता है,
घर पहुंचते ही दौड़ कर मम्मी से गले लग जाने को मन करता है,
हांफते हांफते मम्मी को स्कूल के किस्से सुनाने को मन करता है,
आज फिर से हां फिर से स्कूल जाने को मन करता है |

आज फिर से बीते पलों को दोहराने का मन करता है,

आज फिर से स्कूल जाने को मन करता है |

...अमर...


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