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मेरे अल्फाज़

हम चलते जायेंगे

Amandeep Singh

4 कविताएं

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हम चलते जायेंगे!   
(किसानों के संघर्ष को समर्पित)
चाहे कितनी भी रोकें आएं 
हम चलते जायेंगे!
अपने हकों के संघर्ष को 
और पक्का करते जायेंगे!
देख तूफ़ानों को राहों में 
हमने सी नहीं करना। 
पानी की बौछारों से 
ज़रा भी नहीं डरना। 
हर बैरिकेड पार 
हम करते  जायेंगे। 
हम चलते जायेंगे! 
हम कभी न झुकेंगे। 
हम कभी न मिटेंगे। 
ज़ोरो-ज़ुल्म से डर कर 
हम कभी न रुकेंगे!
दिल्ली की तरफ़ कूच 
हम करते जायेंगे। 
हम चलते जायेंगे!   

~ अमनदीप सिंह 

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