जिंदगी

                
                                                             
                            इश्क मुहब्बत प्यार से गुलजार है ये जिंदगी
                                                                     
                            
तुम्हारी वफा और प्यार का उपहार है ये जिंदगी

नजरों के रस्ते धड़कनों में सनम जो तुम आओ
सुबहो शाम आठों पहर मेरी त्यौहार है ये जिंदगी

चाहत के फूल ही फूल खिले हैं दिल की जमीन पर
दोस्ती प्यार एहसान वफा से दिलदार है ये जिंदगी

तुम्हारे प्यार के एहसास से महकती है मेरी हर सांस
गर तुम्हारा हाथ नहीं हाथ में तो बीमार है ये जिंदगी

माना दौलत शौहरत से आबाद है घर संसार
अगर ईमान ना हो दिल में तो बेकार है ये जिंदगी

इबादतों के आलोक से ही रौशन राहे सफर है
दुआओं का मिले आसरा तो गुलनार है ये जिंदगी

- स्वरचित
- आलोक शर्मा,
तिवारी कालोनी,होशंगाबाद


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1 year ago

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