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मेरे अल्फाज़

हक़ की लड़ाई

Akhilesh Kumar

10 कविताएं

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आज की दिहाड़ी से
खरीद लो
कुनबे के लिए कफ़न
उसके हर खूंट पर
खून से लिख दो
इंकलाब जिंदाबाद
हक की लड़ाई
अंतिम सांस तक
लड़ी जाएगी

- अखिलेश

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