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मेरे अल्फाज़

बुराई पर अच्छाई की जीत

Abhinav Mishra

22 कविताएं

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विषय- बुराई पर अच्छाई की जीत

पूर्ण हुए नवराते देखो,
पर्व दशहरा आया है.
साथ बुराई पर अच्छाई,
का संदेशा लाया है.

रावण उसको कहती दुनिया,
था ज्ञानी पर अभिमानी.
ह्रदय दर्प था उसके भारी,
करता अपनी मनमानी.

छल-बल करके माँ सीता का,
दुष्ट हरण कर लाया था.
उसकी मृत्यू का ये कारण,
घातक बन कर आया था.

भस्म हुई जब स्वर्ण लंका तो,
रावण मन में घबराया.
इक वानर ने मेरी लंका,
को पल में राख बनाया.

एक यही बस कारण था जो,
कुनबा नष्ट करा डाला.
उसके क्रूर दम्भ ने उस पर,
डाल रखा पर्दा काला.

रावण दम्भ अंत करने की,
करी राम ने तैयारी.
दशमी के दिन अंत किया था,
हुई विजय थी यह भारी.

कहते विजयदशमी दशहरा,यही सत्य का प्रतीक है.
बुराई पर अच्छाई की हुई हमेशा ही जीत है.

- अभिनव मिश्र"अदम्य"
शाहजहांपुर,उत्तरप्रदेश

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