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मेरे अल्फाज़

ग़ज़ल

Abdul Hameed

15 कविताएं

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ग़ज़ल

आम जनता का एहतिराम करें।
कुछ तो कायम भला निज़ाम करें।

प्यार का खूब एहतिराम करें।
नफ़रतोें को नहीं सलाम करें।

ख़्वाहिशों पर ज़रा रखें काबू,
खुद को उनका नहीं गुलाम करें।

आ गये प्यास ले के तिश्नालब,
जाम का चल के इंतिजाम करें।

बात मन की बहुत सुनी कल तक,
आम जनता के आज काम करें।

खुद की खातिर बहुत जिये हम सब,
ज़िन्दगी अब खुदा के नाम करें।

हमीद कानपुरी
अब्दुल हमीद इदरीसी
179, मीरपुर, कैण्ट, कानपुर-208004
9795772415



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