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मेरे अल्फाज़

ऐ मेरी माटी के कण...तुझको सलाम है

Aarti Sagar

9 कविताएं

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तू ही सोना, तू ही चांदी
तू ही रेशम, तू ही खादी

तू ही वायु, तू ही नीर
तू ही मेरी जान है ।

ऐ मेरी माटी के हर कण
तुझको सलाम है...

तू ही मृत्यु ,तू ही जीवन
तू ही जंगल,तू ही उपवन

तू ही रोजी,तू ही रोटी
तू ही मेरी शान है ।

ऐ मेरी माटी के हर कण
तुझको सलाम है...

तू ही गांधी,तू ही बाबा
तू ही अब्दुल,तू ही भाभा

तू ही अकबर,तू ही अशोक
तू ही अल्लाह,तू ही राम है ।

ऐ मेरी माटी के हर कण
तुझको सलाम है...

तू ही परचम,तू ही शहादत
तू ही गाथा,तू ही इबादत

तू ही रहमत, तू ही जन्नत
तू ही सबका सार है ।

ऐ मेरी माटी के हर कण
तुझको सलाम है ...

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