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tum ho kya

मेरे अल्फाज़

तुम हो क्या

Aap Sangeeta

38 कविताएं

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तुम अच्छे नही
तुम्हारे काम अच्छे नही
ये उसने सुना बचपन से

पर वो कितना अच्छा है
उसका मन कितना सच्चा है
ये जाना किसी ने,
क्या उसका बनके

वो टूटता गया
लोग तोडते रहे
वो गिरता गया
लोग गिराते रहे

पर किसी ने हाथ आगे बढ़कर थामा नही
पीठ उसकी थपथपाकर सभाला नही

तू है क्या , क्या कर सकता है
कभी बताया नही
तू है सबसे अलग, तू है सबसे जुदा

कर सकता है तू वो , जो कोई न करे
दुनिया के नियमो को तू पल में बदल दे

पहचान है तू खुद अपनी
उसे न छिपा ,
तू है क्या,
क्या कर सकता है

ये दुनिया को बता
ये दुनिया को बता

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