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मेरे अल्फाज़

जीवन में रेल

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मेरी रचना का शीर्षक है-

जीवन में रेल
पटरी-पटरी चलती रेल
तेज गति से चलती रेल

घूमना-फिरना बताए रेल
खान-पान सिखलाए रेल

भेद-भाव मिटाती रेल
सबसे प्रेम निभाती रेल

अपना धर्म निभाए रेल
सबसे मिले-मिलाए रेल

अपनी राग, गुननाती रेल
हिलती-डुलती जाती रेल

रंग-भेद नहि, जाने रेल
मानवता को समझे रेल

जीवन की गति जाने रेल
रीढ़ देश की कहलाए रेल

कवि- पंडित अमरेश कुमार उपाध्याय


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