आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Surbhit madhumay bag men

मेरे अल्फाज़

सुरभित मधुमय बाग में,नेह नीड़ परिवार।

11 Views
सुरभित मधुमय बाग में,नेह नीड़ परिवार।
रहे चहकता रात दिन,आंगन ड्यौढ़ी द्वार।
आंगन ड्यौढ़ी द्वार,सदा आनंद मनायें।
सजें सुखों के साज,गीत मंगल के गांयें।
सुख दे सुख से रहें,शांति कुसुमों से कुसुमित।
अच्छे सच्चे काम,बाग को करदें सुरभित।

अच्युतमकेशवम एटा

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!