आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mera Shahar Mera Shayar ›   krishna ki rasbhari meethi taan hain raskhan
krishna ki rasbhari meethi taan hain raskhan

मेरा शहर मेरा शायर

कृष्ण की रसभरी मीठी तान हैं रसखान...

दीपाली अग्रवाल काव्य डेस्क, नई दिल्ली

1535 Views
प्रेम-अयनि श्रीराधिका, प्रेम-बरन नँदनंद।
प्रेमवाटिका के दोऊ, माली मालिन द्वंद्व


रसखान के इस छंद को यदि किसी कृष्णभक्त को सुनाया जाए तो वह जय हो के उद्गार के साथ रसख़ान के प्रति समर्पण से भर जाएगा, उस पर भी जब उसका संबंध बृज क्षेत्र से हो तो अवश्यंभावी है कि उसका चित्त भक्ति की उस तरंग पर पहुंच जाएगा जहां प्रेम हिलोरे लेता है। मैं भी इसी बृज क्षेत्र में पली-बढ़ी, वहां पग-पग पर कृष्ण मंदिर हैं और हर घर में स्थापित मूर्ति की विधिवत पूजा भी की जाती है। कृष्ण की यह जन्मस्थली यथार्थ में बंसीवाले की तान से अपनी भोर करती है और उनकी गायों के रंभन से अपनी शाम। 
आगे पढ़ें

मानुस हौं तो वही रसखान...

Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Your Story has been saved!