आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mera Shahar Mera Shayar ›   acharya mahaveer prasad dwivedi daulatpur city
acharya mahaveer prasad dwivedi daulatpur city

मेरा शहर मेरा शायर

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी: एक वट वृक्ष जिसकी छाया में हिन्दी साहित्य पल्लवित हुआ

मनीष कुमार श्रीवास्तव, रायबरेली

1302 Views
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी हिन्दी साहित्य के वह महान युग प्रवर्तक साहित्यकार हैं जिन्होंने हिन्दी को न केवल ऊंगली पकड़ कर चलना सिखाया अपितु अनुशासन की छड़ी से शुद्ध एवं व्याकरण सम्मत बनाया।
 
द्विवेदी जी का जन्म मेरे शहर रायबरेली के सुदूर गांव दौलतपुर में हुआ था। इस महापुरुष की याद में रायबरेली की धरती आज भी गौरवान्वित महसूस करती है। रायबरेली की इस पवित्र भूमि ने एक से बढ़कर एक महान हस्तियों को जन्म दिया है। यह साहित्य, शिक्षा, धर्म एवं राजनीति में अपना एक विशिष्ट स्थान रखती है।
 
आचार्य जी ने रेलवे की नौकरी न छोड़ी होती तो आज हमें हिन्दी का ऐसा सशक्त साहित्यकार न मिल पाता। आचार्य द्विवेदी जी के अतुलनीय योगदान के कारण ही आधुनिक हिन्दी साहित्य का दूसरा युग 'द्विवेदी युग' के नाम से प्रसिद्ध है।
आगे पढ़ें

मैथिली शरण गुप्त स्वयं कहते हैं...

सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!