आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Main Inka Mureed ›   Do Aankhen

मैं इनका मुरीद

दो आंखें

Rakesh nishad

1 कविता

71 Views
दो आंखें

अंतस के सूने मरुथल में
कल-कल करती निर्झरिणी सी
प्राण रचाती,
नव जीवन-रस भर-भर जाती
श्रुति की अमर ॠचा सी पावन,
सरल-तरल-शीतल-ज्योतिर्मय
वे दो आंखें !

उसकी स्मृति-मात्र अनगिनत-
मन:क्लांति औ' श्रांति मिटाती
जब-तब मद्धिम हो जाने वाले
मेरे मानस के दीपों में
अजस्र स्नेह भर-
आश जगाती,
पथ दिखलाती 
अत: कृतज्ञ ये मेरी आंखें।

अविरल दर्शन के जब-जब
अवसर विरले अनायास,
तब लगता जग की दृष्टि निरंतर-
आलोचक-वक्र-भृकुटि-छाया में
आंखों को विस्फारित करके
मुझे टोकती,
मुझे रोकती;
दब आदर्शों के गुरु-महिम्ण भार से
तब जान न पाता क्या करतीं
वे दो आंखें !

जब चित्र खींचकर चाहा मैंने
अंकित कर लूं ,
संचित कर लूं
आंखों की अंधियारी चित्र-पटी पर,
बिखर-बिखर वे जाते
जल-परदे पर हिलती तस्वीरों-से।
सायास बंद किये पलकों से
उन्हें संजोने के चक्कर में
थक-थक जातीं मेरी आंखें।

जीवन के भूगोल-खगोलों में
रटे-रटाये,पढ़े अनगिनत
सिद्धांत,तथ्य औ' चित्रों से
नहीं बना पाता मैं फिर-फिर
परफेक्ट/
मुकम्मल /
पूर्ण चित्र -
सौंदर्यपूर्ण वह यथातथ्य-
जिसको देखें,परखें तो -
मुझसे ही पूछें,
"यह मेरा है?"
वे दो आंखें !

सौंदर्यशास्त्र तो नहीं पढ़ा मैं
तो क्या ?
उसको प्रासंगिक वह कितना ?
मुझको आवश्यक है जितना;
उन मूल्यों को तो सहज जी रही
जिनको साध रहा मैं नित-प्रति :
निष्ठा,ॠजुताऔर सत्यता;
प्रश्न निरंतर
यही पूछती रहती मानों,
"यही न चाहिए था तुमको ?"
वे दो आंखें

-राकेश निषाद

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 



 
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!