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'सुकून' पर शायरों के अल्फ़ाज़

sukoon shayari collection
                
                                                                                 
                            

मिरे सुकून मिरी हर ख़ुशी को ले डूबा


तिरा फ़रेब मिरी ज़िंदगी को ले डूबा
- मशकूर ममनून क़न्नौजी


जब ज़िंदगी सुकून से महरूम हो गई
उन की निगाह और भी मासूम हो गई
- असद भोपाली 

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1 year ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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