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Shayari on summer

काव्य चर्चा

चुभती जल्दी गर्मी का मौसम आया… गर्मी की धूप और ये शेर

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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गर्मियों का मौसम आ गया है। इस समय धूप के ज़ोर से हर प्राणी परेशान रहता है। गर्मियों की इसी धूप और गर्मी पर शायरें ने क्या कहा जानते हैं।

कुछ अब के धूप का ऐसा मिज़ाज बिगड़ा है
दरख़्त भी तो यहाँ साएबान माँगते हैं
- मंज़ूर हाशमी


गर्मी-ए-शौक़-ए-नज़ारा का असर तो देखो
गुल खिले जाते हैं वो साया-ए-तर तो देखो
- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

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