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पद्मा सचदेव

काव्य चर्चा

जन्मदिन विशेष: पद्मा सचदेव की ये हैं 5 श्रेष्ठ रुबाइयां...

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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डोंगरी साहित्य जिन रचनाकारों पर गर्व कर सकता है उनमें पद्मा सचदेव का नाम सर्वोपरि है। इनका जन्म 17 अप्रैल 1940 में हआ था। 'तेरी बातें ही सुनाने आये' उनकी डोंगरी रुबाइयों का संग्रह है। इन रुबाइयों में लौकिकता और पारलौकिकता के संकेत भी देखे जा सकते हैं। पद्मा सचदेव की ये रुबाइयां मन के एकांत को टटोलकर रची गई हैं। विशेषकर, एक भावनाप्रवण स्त्री की हार्दिकता को इनमें मार्मिक अभिव्यक्ति मिली है। आगे पढ़ें

घिरा था बादल मगर बरसा न था...

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