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निदा फ़ाज़ली

काव्य चर्चा

निदा फाजली: हमारे ख़्यालों को रोशन करता यह शायर... 

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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निदा फाजली आम आदमी के शायर थे। उनकी नज्मों ने हमारे ख्यालों को रोशन किया है। निदा की शायरी पढ़कर आदमी को इश्क हो सकता है। निदा की शायरी ने सुहानी तस्वीर दी है। उनकी शायरी पढ़-सुन और गुन कर एक रूहानी ख़ुशी मिलती है। निदा में एक बुलन्दगी भी है और एक खुशनुमा अहसास भी। 

निदा के दो शेर देखें- 

दीवारो-दर से उतर के परछाइयां बोलती हैं 
कोई नहीं बोलता जब तन्हाइयां बोलती हैं।  

सुनने की मुहलत मिले तो आवाज़ है पत्थरों में 
उजड़ी हुई बस्तियों में आबादियां बोलती हैं। 
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पहले पहले सभी ख़्यालों से तस्वीर बनाते हैं...

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