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Mir taqi mir motivational shayari

काव्य चर्चा

मीर तक़ी मीर के हौसला-अफ़ज़ाई करते ख़ास शेर

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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मीर तक़ी मीर उर्दू अदब के वह आफ़्ताब हैं जिससे आने वाली पीढ़ियों को रौशनी मिलती है। उनके कलाम हर तरह के ज़ायके के साथ आते हैं, मुहब्बत से लेकर दुनियादारी तक, तो कहीं कुछ शेर हौसला बढ़ाते हैं। पेश हैं उनके कहे ख़ास शेर जो नाउम्मीदी में शमा जलाते हैं।


बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहो
ऐसा कुछ कर के चलो याँ कि बहुत याद रहो


मत सहल हमें जानो फिरता है फ़लक बरसों
तब ख़ाक के पर्दे से इंसान निकलते हैं

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