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Jaun elia writing

काव्य चर्चा

जौन एलिया की शायरी से हट के पढ़ें उनके ये कलाम

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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जौन एलिया की शायरी को ख़ूब मुहब्बत मिली। उनके कहे शेर की सबसे ख़ास बात है कि आम से ख़ास तक हर कोई ख़ुद को उनसे जोड़ सकता है। आइए पढ़ते हैं उनके कहे कुछ और कलाम


चारासाज़ों की चारा-साज़ी से
दर्द बदनाम तो नहीं होगा
हाँ दवा दो मगर ये बतला दो
मुझ को आराम तो नहीं होगा
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