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Gopaldas Neeraj best lines from his poems

काव्य चर्चा

गोपाल दास नीरज के काव्य से चुनिंदा पंक्तियां

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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गोपालदास नीरज के लिखे फ़िल्मी-गीतों को लोगों ने जितने प्यार से गुनगुनाया उतनी ही मुहब्बत से उन्होंने उनकी लिखी कविताओं को भी पढ़ा। पेश हैं नीरज की लिखी कविताओं से चुनिंदा पंक्तियां

हम तो मस्त फकीर, हमारा कोई नहीं ठिकाना रे
जैसा अपना आना प्यारे, वैसा अपना जाना रे

औरों का धन सोना चांदी
अपना धन तो प्यार रहा
दिल से जो दिल का होता है
वो अपना व्यापार रहा
हानि लाभ की वो सोचें, जिनकी मंजिल धन दौलत हो
हमें सुबह की ओस सरीखा लगा नफ़ा-नुकसाना रे

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धनिकों के तो धन हैं लाखों

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