विज्ञापन

गोपालप्रसाद व्यास की कविता- काँटों ने हमें खुशबू दी है, फूलों ने हमेशा काटा है

कविता
                
                                                                                 
                            काँटों ने हमें खुशबू दी है,
                                                                                                

फूलों ने हमेशा काटा है।
बांहों ने पिन्हाई जंजीरें,
आहों ने दिया सन्नाटा है।
अपनों ने अड़ंगी मारी है,
गैरों से सहारा पाया है।
अनजान से राहत मिल भी गई,
पहचान से धोखा खाया है।
कुर्सी ने हमेशा ठोकर दी,
थैली ने सदा संदेह किए।
घड़ियालों से रिश्तेदारी कर
मछली की तरह तड़पे हैं, प्रिये ! आगे पढ़ें

4 weeks ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X