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मां की ममता बताती दिवंगत कवि खगेंद्र ठाकुर की कविता

इरशाद

मां की ममता बताती दिवंगत कवि खगेंद्र ठाकुर की कविता

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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दुनिया का सबसे आत्मीय
और सबसे प्यारा शब्द – माँ
पहले-पहल जब होठ हिले और मिले
तब अन्तर से निकला सांस की तरह
जीवन का पहला शब्द – माँ
चेतना में घुल-मिला यह शब्द
जैसे प्राण में घुला दूध और पानी
 
माँ से बढ़कर कुछ भी नहीं है सृष्टि में
माँ के बिना कुछ भी नहीं है सृष्टि में
माँ सबसे अच्छी होती है
जननी जब वह होती है
वही देती है हमें संज्ञा और क्रिया भी आगे पढ़ें

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