आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Irshaad ›   Noted Urdu poet Ahamad Kamal Parwaji best Ghazal
Noted Urdu poet Ahamad Kamal Parwaji best Ghazal

इरशाद

तू झूठ बोल के आंसू निकाल लेता है : अहमद कमाल 'परवाज़ी'

काव्य डेस्क, नई दिल्ली

1120 Views
वो अब तिजारती पहलू निकाल लेता है
मैं कुछ कहूं तो तराजू निकाल लेता है

वो फूल तोड़े हमें कोई ऐतराज़ नहीं
मगर वो तोड़ के खुशबू निकाल लेता है,

अँधेरे चीर के जुगनू निकालने का हुनर
बहुत कठिन है मगर तू निकाल लेता है,

मैं इसलिए भी तेरे फ़न की क़द्र करता हूँ,
तू झूठ बोल के आंसू निकाल लेता है,

वो बेवफाई का इज़हार यूं भी करता है,
परिंदे मार के बाजू निकाल लेता है

-अहमद कमाल 'परवाज़ी'
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!