यूँ तो वो हर किसी से मिलती है: मुस्तफ़ा ज़ैदी

यूँ तो वो हर किसी से मिलती है: मुस्तफ़ा ज़ैदी
                
                                                             
                            यूँ तो वो हर किसी से मिलती है 
                                                                     
                            
हम से अपनी ख़ुशी से मिलती है 

सेज महकी बदन से शर्मा कर 
ये अदा भी उसी से मिलती है 

वो अभी फूल से नहीं मिलती 
जूहिए की कली से मिलती है  आगे पढ़ें

23 hours ago
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