सावन के आराध्य को समर्पित है मनोज मुंतशिर का लिखा यह गीत

manoj muntashir song in bahubali
                
                                                             
                            जटा कटाह संभ्रम भ्रमन्निलिम्प निर्झरी,
                                                                     
                            
विलो लवी चिवल्लरी विराजमान मूर्धनि,
धगद् धगद् धगज्ज्वलल् ललाट पट्ट पावके,
किशोर चन्द्र शेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम,


कौन है वो कौन है वो,
कहां से वो आया,
चारों दिशाओं में,
तेज सा वो छाया,
उसकी भुजाएं बदले कथाएं,
भागीरथी तेरी तरफ,
शिवजी चले देख ज़रा,
यह विचित्र माया, आगे पढ़ें

धरा धरेन्द्र नंदिनी विलास बन्धु बन्धुरस्

3 years ago

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