सर्दी के दिनों में जो प्रेम शुरू हुआ वह बहुत सारे कपड़े पहने हुए था: मंगलेश डबराल

सर्दी के दिनों में जो प्रेम शुरू हुआ  वह बहुत सारे कपड़े पहने हुए था: मंगलेश डबराल
                                सर्दी के दिनों में जो प्रेम शुरू हुआ 
वह बहुत सारे कपड़े पहने हुए था 
उसे बार-बार बर्फ़ में रास्ता बनाना पड़ता था 
और आग उसे अपनी ओर खींचती रहती थी 
जब बर्फ़ पिघलना शुरू हुई तो वह पानी की तरह 
हल्की चमक लिए हुए कुछ दूर तक बहता हुआ दिखा 
फिर अप्रैल के महीने में जऱा-सी एक छुवन 
जिसके नतीजे में होंठ पैदा होते रहे  आगे पढ़ें

3 days ago
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