आपका शहर Close
Hindi News ›   Kavya ›   Irshaad ›   Kunwar narayan best hindi poem ek dusre se katkar
कुंवर नारायण की सोचती- विचारती कविता: एक- दूसरे से कटकर

इरशाद

कुंवर नारायण की सोचती- विचारती कविता: एक- दूसरे से कटकर

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

441 Views
घाट की सीढ़ियों पर 
कटे पड़े लावारिस हाथ को 
पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
तफ़्तीश जारी है.....
किसका हो सकता है वह हाथ 
दोनों रहस्य बन गये हैं 
एक-दूसरे से कटकर ! आगे पढ़ें

सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!