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Hindi diwas 2019 chhayavadi kavita

इरशाद

हिंदी दिवस 2019 - छायावादी युग के प्रमुख स्तंभों की कविताएं

मनोरंजन डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली

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हिंदी साहित्य में छायावादी युग भी एक प्रमुख काल है जिसमें कवि प्रकृति को मन से जोड़कर कविताएं लिखा करते थे। इसके प्रमुख चार स्तंभ हैं जिनमें महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत और जयशंकर प्रसाद हैं। पढ़ें उनकी ख़ास कविताएं

गीत गाने दो मुझे / सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला"

गीत गाने दो मुझे तो,
वेदना को रोकने को।

चोट खाकर राह चलते
होश के भी होश छूटे,
हाथ जो पाथेय थे, ठग-
ठाकुरों ने रात लूटे,
कंठ रूकता जा रहा है,
आ रहा है काल देखो।

भर गया है ज़हर से
संसार जैसे हार खाकर,
देखते हैं लोग लोगों को,
सही परिचय न पाकर,
बुझ गई है लौ पृथा की,
जल उठो फिर सींचने को। आगे पढ़ें

झर पड़ता जीवन डाली से / सुमित्रानंदन पंत

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