दोस्ती का चलन रहा ही नहीं: हफ़ीज़ जालंधरी

दोस्ती का चलन रहा ही नहीं: हफ़ीज़ जालंधरी
                                दोस्ती का चलन रहा ही नहीं 
अब ज़माने की वो हवा ही नहीं 

सच तो ये है सनम-कदे वालो 
दिल ख़ुदा ने तुम्हें दिया ही नहीं 

पलट आने से हो गया साबित 
नामा-बर तू वहाँ गया ही नहीं 

हाल ये है कि हम ग़रीबों का 
हाल तुम ने कभी सुना ही नहीं  आगे पढ़ें

3 days ago
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