सूत कातते थे गाँधी जी कपड़ा बुनते थे: भवानी प्रसाद मिश्र

गांधी जी और चरखा
                
                                                             
                            तुम काग़ज़ पर लिखते हो
                                                                     
                            
वह सड़क झाड़ता है
तुम व्यापारी
वह धरती में बीज गाड़ता है ।
एक आदमी घड़ी बनाता
एक बनाता चप्पल
इसीलिए यह बड़ा और वह छोटा
इसमें क्या बल । आगे पढ़ें

8 months ago
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