आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Irshaad ›   Daagh Dehalvi best ghazal teri surat ko dekhta hu mai
तेरी सूरत को देखता हूँ मैं, उस की क़ुदरत को देखता हूँ मैं

इरशाद

तेरी सूरत को देखता हूँ मैं, उस की क़ुदरत को देखता हूँ मैं 

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

1726 Views
तेरी सूरत को देखता हूँ मैं 
उस की क़ुदरत को देखता हूँ मैं 

जब हुई सुब्ह आ गए नासेह 
उन्हीं हज़रत को देखता हूँ मैं 

वो मुसीबत सुनी नहीं जाती 
जिस मुसीबत को देखता हूँ मैं  आगे पढ़ें

सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!