आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Irshaad ›   best ghazal of famous Indian poet Alok Shrivastava
best ghazal of famous Indian poet Alok Shrivastava

इरशाद

मैं प्यार की ख़ुशबू हूँ, महकूंगा ज़मानों तक : आलोक श्रीवास्तव

काव्य डेस्क, नई दिल्ली

649 Views
तुम सोच रहे हो बस, बादल की उड़ानों तक,
मेरी तो निगाहें हैं सूरज के ठिकानों तक।

टूटे हुए ख़्वाबों की एक लम्बी कहानी है,
शीशे की हवेली से पत्थर के मकानों तक।

दिल आम नहीं करता अहसास की ख़ुशबू को,
बेकार ही लाए हम चाहत को ज़ुबानों तक।

लोबान का सौंधापन, चंदन की महक में है,
मंदिर का तरन्नुम है, मस्जिद की अज़ानों तक।

इक ऐसी अदालत है, जो रूह परखती है,
महदूद नहीं रहती वो सिर्फ़ बयानों तक।

हर वक़्त फ़िज़ाओं में, महसूस करोगे तुम,
मैं प्यार की ख़ुशबू हूँ, महकूंगा ज़मानों तक।

साभार : कविता कोश 
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!