आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Irshaad ›   Avtar singh sandhu pash hindi kavita toofan kabhi mat nahi khate
पाश की कविता: तूफान कभी मात नहीं खाते

इरशाद

पाश की कविता: तूफान कभी मात नहीं खाते 

अमर उजाला, काव्य डेस्क, नई दिल्ली

373 Views
हवा का रुख बदलने से 
बहुत उछले, बहुत कूदे 
वे जिनके शामियाने डोल चुके थे 
उन्होंने ऐलान कर दिया 
अब वृक्ष शांत हो गए हैं 
अब तूफान का दम टूट गया है-  आगे पढ़ें

सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!