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लोन से लिया है फ़्लैट, लोन से ख़रीदी कार...

Alhar Bikaneri poems on home
                
                                                                                 
                            लोन से लिया है फ़्लैट, लोन से ख़रीदी कार
                                                                                                

सूई भी ख़रीदी न नक़द मेरे राम जी

लोन से पढ़ाए बच्चे, लोन से ख़रीदे कच्छे
मांगी नहीं यारों से मदद मेरे राम जी

क़िस्त न भरी तो गुण्डे ले गए उठा के कार
घटनी थी घटना दुखद मेरे राम जी

गमलों में कांटेदार कैक्टस उगाए मैंने
पाऊं अब कहां से शहद मेरे राम जी


(अल्हड़ बीकानेरी  की हास्य कविता) 

साभार- कविता कोश
6 वर्ष पहले

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