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Hasya Poetry: व्यवस्था पर तंज करती प्रदीप चौबे की कविता- हर तरफ़ गोलमाल है साहब

हास्य
                
                                                                                 
                            हर तरफ़ गोलमाल है साहब 
                                                                                                

आपका क्या ख़याल है साहब 

कल का ‘भगुआ’ चुनाव जीता
 तो आज ‘भगवत दयाल’ है साहब 

लोग मरते रहें तो अच्छा है 
अपनी लकड़ी की टाल है साहब

आपसे भी अधिक फले-फूले 
देश की क्या मजाल है साहब

मुल्क मरता नहीं तो क्या करता 
आपकी देखभाल है साहब आगे पढ़ें

2 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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