तन बगुले के पंखे जैसा, मन कौवे सा काला है 

तन बगुले के पंखे जैसा, मन कौवे सा काला है 
                
                                                             
                            एक हाथ में गंगाजल है, एक हाथ में हाला है 
                                                                     
                            
तन बगुले के पंखे जैसा, मन कौवे सा काला है 

किस पर करे भरोसा गुलशन, किससे हुशियारी बरते 
घर का भेद बताने वाला ही घर का रखवाला है 

झूठों की चर्चाएं होतीं, नुक्कड़ से अख़बारों तक 
सच्चाई के मुंह पर लटका गोदरेज का ताला है  आगे पढ़ें

1 month ago
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