राम नाईक: तलवार से तेज़ थी प्रेमचंद के क़लम की धार

प्रेमचंद
                
                                                             
                            
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने रामपुर में साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के जन्मशती समारोह कार्यक्रम में कहा कि मुंशी प्रेमचंद एक महान शख़्सियत थे। वह अपने क़लम के जरिए समाज को आइना दिखाते रहे। नाईक ने कहा, "मुंशी प्रेमचंद ने लेखन से साबित कर दिया कि तलवार से ज़्यादा धार क़लम में होती है। प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की कुरीतियों को उजागर किया है।" नाईक ने टीवी और इंटरनेट के युग में लोगों के किताब पढ़ने की घटती दिलचस्पी पर चिंता ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि साहित्य को जितना पढ़ा और समझा जाए उतना कम है। नाईक ने कहा कि रज़ा लाइब्रेरी हिंदुस्तान का गर्व है। 
  
रज़ा लाइब्रेरी में रविवार को जन्मशती समारोह के मौके पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन मौके पर राज्यपाल एवं लाइब्रेरी बोर्ड के चेयरमैन राम नाईक ने मुंशी प्रेमचंद को एक महान व्यक्तित्व का स्वामी बताया। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने उन्हें खूब प्रभावित किया। प्रेमचंद्र ने अपनी क़लम की ताक़त से समाज को हक़ीक़त का आइना दिखाया। नाईक ने कहा कि हिंदी राष्ट्र भाषा है, लेकिन उर्दू भी हिंदुस्तान की सबसे बड़ी जुबां हैं। उर्दू जुबां में मिठास हैं और उन्होंने खुद भी उर्दू में लिखना शुरू किया है।

राम नाईक कहा, "मैं तो जानता था कि रामपुर को रामपुर की छुरी के नाम से ही जाना जाता है लेकिन जब मैं राज्यपाल बना तो रामपुर की साहित्य नगरी की पहचान का पता चला। 

नाईक ने राजभाषा पत्रिका-प्रेमचंद विशेषांक के साथ-साथ राजभाषा पत्रिका-2016, रजा कालेज के प्रो. डा.अरशद रिजवी की कलाम-ए-माजी, लाइब्रेरी जर्नल 31, प्रेमचंद के पत्र, मयकदा-ए-मोहब्बत एवं रजा लाइब्रेरी का न्यूज लेटर का विमोचन किया।       
 
रज़ा लाइब्रेरी में प्रेमचंद के जीवन से जुड़ी झांकियों पर प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसका उद्घाटन भी राज्यपाल राम नाईक ने किया। प्रदर्शनी में उनके चित्रों व साहित्यिक कृतियों के जरिए जीवन का चित्रण किया है। 
4 years ago

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