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हाइकु

जल ही जीवन- हाइकु कविता

Neeru Mohan

15 कविताएं

212 Views
हाइकु कविता

जल सबका जीवनदाता |
बिन जल मानुष |
जीवन न पाता |

*जल ही जल
रत्नगर्भा है स्वर्ग
मानुष माने |

*ईश से जग
मंगलप्रद जल
प्राण पखेरु |

*उड़ते जब
जल बिन जीवन
नीरस सब |

*नद, जाह्नवी
जलाशय, जलधि
सूखी गागर |

*बिन है जल
मानुष का जीवन
अस्थि पिंजर |

*कृषक कहे
जीवनदाता जल
बिन सलिल |

*खेती नीरस
खेत-खलियान है
जीवन पाते |

*मन की तृषा
क्षीर करे संतुष्ट
शांत पिपासा |

*मन प्रसन्न
कल्याणकारी ईश
धरा समृद्ध | 

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