आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Haiku ›   jal hee jeevan

हाइकु

जल ही जीवन- हाइकु कविता

Neeru Mohan

12 कविताएं

193 Views
हाइकु कविता

जल सबका जीवनदाता |
बिन जल मानुष |
जीवन न पाता |

*जल ही जल
रत्नगर्भा है स्वर्ग
मानुष माने |

*ईश से जग
मंगलप्रद जल
प्राण पखेरु |

*उड़ते जब
जल बिन जीवन
नीरस सब |

*नद, जाह्नवी
जलाशय, जलधि
सूखी गागर |

*बिन है जल
मानुष का जीवन
अस्थि पिंजर |

*कृषक कहे
जीवनदाता जल
बिन सलिल |

*खेती नीरस
खेत-खलियान है
जीवन पाते |

*मन की तृषा
क्षीर करे संतुष्ट
शांत पिपासा |

*मन प्रसन्न
कल्याणकारी ईश
धरा समृद्ध | 

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!