देवदारों के साये में: अपराध के मनोविज्ञान के साथ

ruskin bond devdaron ke saaye mein book review in hindi
                
                                                             
                            
रस्किन बॉन्ड जब भी कोई किस्सा या कहानी सुनाते हैं, तो वह खास हो जाती है। उनके पास कहानी कहने की जबरदस्त कला है। ‘देवदारों के साये में' पुराने दौर के मसूरी में लिखी गईं 8 नई रोमांचकारी कहानियों का शानदार संग्रह है। हर कहानी का मुख्य पात्र है मिस-रिप्लीबीन, जो हत्याओं और घटित घटनाओं  की साक्षी हंै। यह किताब अपराधियों के मनोविज्ञान को समझाने का प्रयास भी करती है। वह परिस्थितियां, जिनमें एक साधारण-सा दिखने वाला व्यक्ति भी अपराध करता है।  संग्रह की सभी कहानियां दिलचस्प हैं और हमें विषय से भटकने नहीं देतीं। रोमांच और रहस्य से भरी इन कहानियों को पढ़ने का मन बार-बार करता है।

किताब- देवदारों के साये में
लेखक- रस्किन बॉन्ड
अनुवाद- आशुतोष गर्ग
प्रकाशक- मंजुल प्रकाशन, भोपाल
मूल्य- 175  रुपये
3 years ago

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